केद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के मुख्य एंजेंडे में शायद गौरक्षा शामिल न हो लेकिन उससे जुड़े तमाम संगठन हमेशा गौरक्षा का राग अलापते रहते है। गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मुहिम हमेशा चलती रहती है। यह मुहिम जन्तर-मन्तर से लेकर रामलीला और शहरों की दिवारों पर संदेशनुमा चस्पे दिख ही जाते है। क्योंकि हिंदू धर्म में गाय को आस्था से जोड़कर देखा गया है। मान्यताएं है कि गाय के पूरे शरीर मेंं देवताओं का वास होता है इसलिए भगवान कृष्ण को गोपाल कृष्ण गोविंद यानि की गाय के पालनहार कहते है !
इसलिए शायद वोटबैंक की राजनीति चमकाने के लिए भारतीय जनता पार्टी गाहे-बगाहे गाय के मुद्धे को राजनीति में इस्तेमाल करती है। पर कुछ दिनों से राजस्थान के सवाई माधौपुर जिलें में पानी की कमी के चलते बेजुबान पशु प्यासें दम तोड़ रहें हैं। यहाँ गायों के मरने की संख्या सैकड़ो के पार पहुंच चुकी है। पर फिर भी केंद्र में सत्तासीन नरेंद्र मोदी की सरकार जिनकी सरकार में शामिल एकतरफा पूरा प्रदेश जीत कर आए 25 माननीय सांसद को होश नहीं है। इतना ही नहीं प्रदेश में भी बीजेपी की वसुंधरा राजे पूर्ण बहुमत से सरकार में बैठी है। पर प्यासे बेजुबान दम तोड़ते पशुओं की सुध किसी को नहीं है। कल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस भयावह और दिल दहला देने वाले मंजर पर सुध ली औऱ जाकर आफन-फानन में गायों के लिए पानी का इंतजाम किया।
गायों पर राजनीति करने वाले संगठन इस दर्दनीय घटना से बेखबर है। क्योंकि शायद उन्हें सिर्फ गाय औऱ आस्था दोनों पर राजनीति करना बखूबी आता है। पर इन बेजुबान पशुओं को तड़पते देख इऩकी न आँखे पसीजती है और न ही दिल।
साभार- boltahindustan.com

Those are Scoundrels,need vote to acquire power,non care,abount,our country politicians only need & vote to grab power to enjoy
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